Clarion Call
हमारा देश आज एक वायरस की वजह से संकट से जूझ रहा है। ये वायरस प्राणियों से होते हुए मानव शरीरों में प्रवेश कर गया। भारत में इसकी स्टेज २ से स्टेज ३ में जाने का खतरा ना बनें, ऐसे में हमें और भी एहितियात बरतने की जरूरत है। ये सच्चाई है की हमारे देश के पास इससे निपटने के लिए जरुरी संस्धानों की कड़ी कमी है। जो मेडिकल सुविधाएं वेस्टर्न कन्ट्रीज के पास है वो हमारे पास नहीं है। लेकिन इसका मतलब ये कतई नहीं है की हम इस पर जीत हासिल नहीं कर सकते। केवल और केवल हमारी दृढ़ इच्छा ही इसे हरा सकती है। सबसे पहले तो मैं भारत वासियों को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने हमारे प्रधान मंत्री के एक बोल पर एकजुट हो कर जनता कर्फूय को सफल बनाया। लेकिन अभी तो शुरुआत है, लड़ाई अभी जीती नहीं गयी है। आज हमारा दुश्मन कोई देश नहीं है कि हम जा कर हथियारों से लड़ सकें बल्कि ऐसी जानलेवा बीमारी का वायरस है जो हमें नंगी आँखों से दिखाई भी नहीं दे सकता। मैं मेरे देश वासियों से आह्वान करता हूँ कि सरकार की इस वायरस से जुड़ी हर एडवाइजरी को मानें क्योंकि ये हमारे लिए ही है। इसके कर्रिएर या वाहक न बनें। आपके साथ साथ आपके पास रहने वाले लोगों के ख्याल रखें। सो कॉल्ड सेलब्रिटीज़ की तरह मत बनें बल्कि जिम्मेदार नागरिक की तरह पेश आएं। डॉक्टर्स हमारे लिए अपनी जान पर खेल रहे हैं- वो सरहद पर सैनिकों के तरह हैं जो कि स्वेच्छा से खुद को देश सेवा में अर्पित कर देते हैं। हम इन्हें एक गिफ्ट दे सकते हैं तो वो है खुद को इस वायरस से सुरक्षित रखना।
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