Attack on Sikhs in Afganistan
अफगानिस्तान के करीब 99 % हिन्दू और सिख पिछले तीन दशकों में अपनी सरजमीं को छोड़ने पर मजबूर हुए जिसको उन्होंने पुश्तों से संवारा था। उनके लिए आज के हालात भी बदतर है इस बात का सबूत दे दिया उस कट्टर इस्लामिक स्टेट ने जिसके एक बंदूकधारी ने काबुल के स्थानीय गुरुद्वारा साहिब में घुसकर माथा टेकते 25 श्रद्धालुओं को गोलियों से भून दिया। कभी वक़्त था अफगानिस्तान में लाखों हिन्दू और सिख बसते थे। वहीं की रिपोर्ट्स बतातीं हैं कि 1980 में लगभग 2,50, 000 हिन्दू और सिख जनसँख्या थी। आज ये घटकर 1,000 के आस पास रह गयी है, ये अपने आप में जिहाद के नाम पर धार्मिक जुल्म का पुख्ता सबूत है। यह प्रमाण देने की कोई जरूरत नहीं कि अफगानिस्तान कभी हिन्दू राष्ट्र था जहां पर बौद्ध और सिख जैसे शांतिप्रिय धर्मों के लोग भी शान से रहे। जहां एक तरफ पूरा संसार कोरोना से लड़ रहा है कुछ लोग कोरोना से भी घातक साबित हो रहे हैं। ये पूरा संसार जानता है कि जिस देश में सिख बसे हैं उन्होंने वहां तरक्की के नए आयाम दिए हैं ऐसे में ये समझना जरूरी है क्यों तालिबान और इस्लमिक स...