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Showing posts from March, 2020

Attack on Sikhs in Afganistan

अफगानिस्तान के करीब 99 % हिन्दू और सिख पिछले तीन दशकों में अपनी सरजमीं को छोड़ने पर मजबूर हुए जिसको उन्होंने पुश्तों से संवारा था।  उनके लिए आज के हालात भी बदतर है इस बात का सबूत दे दिया उस कट्टर इस्लामिक स्टेट ने जिसके एक बंदूकधारी ने काबुल के स्थानीय गुरुद्वारा साहिब में घुसकर माथा टेकते 25 श्रद्धालुओं को गोलियों से भून दिया।  कभी वक़्त था अफगानिस्तान में लाखों हिन्दू और सिख बसते थे।  वहीं की रिपोर्ट्स बतातीं हैं कि 1980 में लगभग 2,50, 000 हिन्दू और सिख जनसँख्या थी।  आज ये घटकर 1,000 के आस पास रह गयी है, ये अपने आप में जिहाद के नाम पर धार्मिक जुल्म का पुख्ता सबूत है। यह प्रमाण देने की कोई जरूरत नहीं कि अफगानिस्तान कभी हिन्दू राष्ट्र था जहां पर बौद्ध और सिख जैसे शांतिप्रिय धर्मों के लोग भी शान से रहे।   जहां एक तरफ पूरा संसार कोरोना से लड़ रहा है कुछ लोग कोरोना से भी घातक साबित हो रहे हैं।  ये पूरा संसार जानता है कि जिस देश में सिख बसे हैं उन्होंने वहां तरक्की के नए आयाम दिए हैं ऐसे में ये समझना जरूरी है क्यों तालिबान और इस्लमिक स...

Understanding corona-2

Mr. Singh: Staying at home is the best way of protection. Cover your face with a hanky or tissue when you cough or sneeze. Cleanliness is very-very important. As usually we insist a child to wash hands with soap and water especially after going to the bathroom, before eating, after blowing nose, coughing, or sneezing. Just follow what you say. Me: Well said bro. Is there any medicine or vaccine for this virus? Mr. Singh: Not yet, scientists are working on it and in coming months we hope they will get succeed. Me: But I heard someone is claiming for its guaranteed treatment. Mr. Singh: Beware of the looting goons! Yes, there may be immunity enhancing herbs or products but there is no instant solution. Me: Can social distancing helpful to avoid corona infection? Mr. Singh: As I said earlier, it’s the only way you can protect yourself. It’s a unique virus and very simple thing that we can do is social distancing. When the entire world is in lockdown, your few days of social ...

Understanding corona -1

This blog is based on my telephonic conversation with Mr. Gaje Singh, a science scholar in prestigious The Indian Institute of India, Ropar (Punjab). (Almost ten days old interaction) Me: Hello, brother! What’s up? Mr. Singh: Alright! How about you? Me: I’m fine. How is research going on? Mr. Singh: Not well, you know there is an outbreak of Corona virus in India, so educational institutes are closed till March, 31 st . Me: Yes, it’s a disastrous situation for the entire world. This virus (COVID-19) spread has taken thousands of lives and everyone is at the stake.    How does this deadly virus spread? Mr. Singh: Allow me a few minutes. Actually, this virus is an infectious one. It spread exponentially means it builds a chain of infection through droplets of saliva or discharge from the nose when an infected person coughs or sneezes. It’s really a dangerous virus as an infected person to it can infect an average 2.7 people.    Me: Really fatal! Human ...

Together We Can Win

जब मैं ये ब्लॉग लिख रहा हूँ तब तक भारत में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों का आंकड़ा 500 को छू गया होगा।  जो की बड़ा चिंता का विषय है।  14 मार्च 2020 को ब्रिटिश इकोनॉमिस्ट जिम ओ'नील  का एक कंट्रोवर्सिअल बयान आया था, उन्होंने कहा मैं धन्यवाद करता हूँ कि कोरोना चीन में फैला न कि भारत जैसे देश में।  भारत के पास मेडिकल फैसिलिटीज़ तुलनात्मक रूप से कम हैं , उनका कथन इस सन्दर्भ में तो ठीक हो सकता है लेकिन अगर वो ये किसी पूर्वाग्रह के चलते व्यंग्यात्मक तरीके से बोल रहे हैं तो वो सरासर गलत हैं।  और उनके गलत होने के पीछे बहुत महत्वपूर्ण कारण है -भारतीय लोगों का रहन-सहन, खान-पान या यूँ कह ले भारतीय संस्कार। हो सकता है मैं जो अब कहूं वो कुछ लोगों को पसंद ना आए।  भारतवर्ष की सरजमीं पर जितने भी धर्म पैदा हुए सब का मूल भाव एक है।  वो मनुष्यों के साथ सभी प्राणिमात्र एवं प्रकृति का आदर सत्कार करते हैं।  सभी मुक्ति की बात करते हैं और अहिंसा से रहना उनके रक्त का हिस्सा है। लेकिन वो जहां भी जुलम हो उसको मिटने के लिए वैरभाव रहित हिंसा को सही मानते हैं।  शायद इसी वजह स...

Clarion Call

हमारा देश आज एक वायरस की वजह से संकट से जूझ रहा है।  ये वायरस प्राणियों से होते हुए मानव शरीरों में प्रवेश कर गया। भारत में इसकी स्टेज २ से स्टेज ३ में जाने का खतरा ना बनें, ऐसे में हमें और भी एहितियात बरतने की जरूरत है।  ये सच्चाई है की हमारे देश के पास इससे निपटने के लिए जरुरी संस्धानों की कड़ी कमी है।  जो मेडिकल सुविधाएं वेस्टर्न कन्ट्रीज के पास है वो हमारे पास नहीं है।  लेकिन इसका मतलब ये कतई नहीं है की हम इस पर जीत हासिल नहीं कर सकते। केवल और केवल हमारी दृढ़ इच्छा ही इसे हरा सकती है।  सबसे पहले तो मैं भारत वासियों को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने हमारे प्रधान मंत्री के एक बोल पर एकजुट हो कर जनता कर्फूय को सफल बनाया।  लेकिन अभी तो शुरुआत है, लड़ाई अभी जीती नहीं गयी है।  आज हमारा दुश्मन कोई देश नहीं है कि हम जा कर हथियारों से लड़ सकें बल्कि ऐसी जानलेवा बीमारी का वायरस है जो हमें नंगी आँखों से दिखाई भी नहीं दे सकता।  मैं मेरे देश वासियों से आह्वान करता हूँ कि सरकार की इस वायरस से जुड़ी हर एडवाइजरी को मानें क्योंकि ये हमारे लिए ही है।  इसके कर्...